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Bihar News: बिहार में 7.40 लाख परिवारों को मिला नया राशन कार्ड, 35.36 लाख कार्ड रद्द करने की कार्रवाई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में नए राशन कार्ड, ई-केवाईसी, संदिग्ध कार्डों के सत्यापन, राशन दुकानों के लाइसेंस और शिकायतों के निपटारे की ताजा जानकारी।

27 अक्टूबर 2026, पटना: बिहार में राशन कार्ड और जन वितरण प्रणाली को लेकर जारी समीक्षा में नए कार्ड जारी करने, संदिग्ध कार्डों की जांच, ई-केवाईसी और राशन दुकानों के लाइसेंस से जुड़े कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। राज्य में नए राशन कार्ड के लिए करीब 13.94 लाख आवेदन मिले हैं, जिनमें से 7.40 लाख से अधिक पात्र परिवारों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, लाखों संदिग्ध कार्डों के सत्यापन के बाद उन्हें रद्द करने की कार्रवाई भी की गई है।


7.40 लाख से अधिक परिवारों को मिले नए राशन कार्ड


उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बिहार में नए राशन कार्ड के लिए 13,93,704 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 7,40,925 पात्र परिवारों को कार्ड जारी किए गए। इनके माध्यम से 14,61,286 नए सदस्यों को खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा गया है। बाकी आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है।


राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य में लगभग 2.09 करोड़ राशन कार्डों के माध्यम से करीब 8.45 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई। इनमें 1.85 करोड़ राशन कार्डों पर खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।


35.36 लाख संदिग्ध राशन कार्डों पर कार्रवाई


राशन कार्डों की जांच के दौरान केंद्र सरकार से मिले 57,01,000 संदिग्ध कार्डों से संबंधित डेटा का सत्यापन कराया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जांच में 17.69 लाख कार्ड सही पाए गए, जबकि 35.36 लाख कार्डों को रद्द करने की कार्रवाई की गई।


इस प्रक्रिया का उद्देश्य वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संभावित अनियमितताओं को रोकना है। राशन कार्डधारियों को अपने दस्तावेज और लाभार्थी विवरण सही रखने पर ध्यान देना चाहिए।


6.54 करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा


राज्य में राशन लाभुकों का ई-केवाईसी भी जारी है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 6.54 करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जो कुल लाभुकों का लगभग 80.07 प्रतिशत है। शेष लाभुकों का सत्यापन पूरा करना व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।


ई-केवाईसी के जरिए लाभार्थियों की पहचान सत्यापित करने और खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।


दूसरे राज्यों में भी राशन ले रहे प्रवासी परिवार


वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत लाभुक निर्धारित व्यवस्था के अनुसार देश के दूसरे हिस्सों में भी राशन प्राप्त कर सकते हैं। अक्टूबर 2026 में बिहार के 3.65 लाख राशन कार्डधारियों द्वारा दूसरे राज्यों में खाद्यान्न प्राप्त करने की जानकारी सामने आई। इससे काम के सिलसिले में राज्य से बाहर रहने वाले परिवारों को अपने मौजूदा निवास स्थान पर राशन लेने में सुविधा मिलती है।


4,910 राशन दुकानों के लिए मिले 50 हजार से अधिक आवेदन


जन वितरण प्रणाली की दुकानों की रिक्तियों और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। राज्य में 4,910 रिक्तियों के लिए विज्ञापन निकाला गया था, जिसके जवाब में 50,031 आवेदन प्राप्त हुए।


इनमें से 1,237 राशन दुकानों के लिए पात्र आवेदकों को अनुज्ञप्ति जारी की जा चुकी है। शेष आवेदनों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने पर जोर दिया गया है।


4,069 शिकायतों में से 3,383 का निपटारा


खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को मिली शिकायतों में भी कार्रवाई की जानकारी दी गई। कुल 4,069 शिकायतों में से 3,383 का निपटारा किया जा चुका है। यह कुल शिकायतों का 83.14 प्रतिशत है।


शिकायतों के समाधान और योजनाओं की निगरानी को मजबूत करने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड गठित करने की तैयारी भी बताई गई है। इसका उद्देश्य अनियमितताओं पर नजर रखना और शिकायतों के निवारण में तेजी लाना है।


खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राशन कार्ड, जन वितरण प्रणाली की दुकानों, शिकायतों और संदिग्ध कार्डों के सत्यापन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।


बिहार में अब नए आवेदनों का निपटारा, शेष लाभुकों का ई-केवाईसी, राशन दुकानों के लाइसेंस और शिकायतों का समाधान महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं। इन प्रक्रियाओं का असर पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर पड़ेगा।


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